वन मंत्री केदार कश्यप ने विज्ञान मॉडलों का प्रयोग कर किया अवलोकन, दूरस्थ अंचलों के बच्चों तक पहुँचेगी प्रयोग आधारित शिक्षा
नारायणपुर, जिले के दूरस्थ एवं दुर्गम वनांचलों में रहने वाले बच्चों को विज्ञान की रोचक, व्यावहारिक और प्रयोग आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। छत्तीसगढ़ शासन के वन मंत्री केदार कश्यप ने आज ‘माड़ विज्ञान दूत STEM बाइक’ परियोजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कलेक्टर नम्रता जैन एवं जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्र नाथ पांडे विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस परियोजना के माध्यम से जिले के दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों तक विज्ञान के प्रयोग, गतिविधियां और नवाचार पहुँचाए जाएंगे, जिससे बच्चों में वैज्ञानिक सोच एवं सीखने के प्रति रुचि विकसित हो सके
विज्ञान के मॉडलों का प्रयोग कर मंत्री ने बढ़ाया बच्चों का उत्साह

परियोजना के शुभारंभ अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने विज्ञान के विभिन्न मॉडलों का स्वयं प्रयोग कर उनका अवलोकन किया। उन्होंने स्टेथोस्कोप मॉडल का उपयोग किया तथा ट्रेन जैसी आवाज उत्पन्न करने वाले मॉडल को चलाकर उसकी कार्यप्रणाली को समझा। इसके साथ ही उन्होंने एयर रॉकेट और वाटर रॉकेट लॉन्चर का प्रक्षेपण भी किया। इन प्रयोगों ने कार्यक्रम को आकर्षक बनाया और विज्ञान को गतिविधियों के माध्यम से समझने की उपयोगिता को प्रदर्शित किया।

मंत्री श्री कश्यप ने परियोजना की अवधारणा, कार्यप्रणाली और उद्देश्यों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने इसके विभिन्न पहलुओं पर सवाल पूछते हुए पहल से जुड़ी टीम का उत्साहवर्धन किया। स्थानीय परिवेश और सामान्य संसाधनों के माध्यम से बच्चों को विज्ञान से जोड़ने के इस प्रयास को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।
*स्थानीय संसाधनों से समझेंगे विज्ञान के सिद्धांत*
‘माड़ विज्ञान दूत STEM बाइक’ परियोजना की प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें स्थानीय परिवेश में उपलब्ध सामान्य वस्तुओं और संसाधनों का उपयोग कर विज्ञान के सिद्धांतों को सरल एवं रोचक तरीके से समझाया जाएगा। इसके माध्यम से बच्चों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय स्वयं प्रयोग करने, सवाल पूछने, अवलोकन करने और समस्याओं के समाधान खोजने के अवसर मिलेंगे।
STEM शिक्षा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित जैसे विषयों को व्यावहारिक गतिविधियों से जोड़ती है। इस परियोजना के माध्यम से इन विषयों को बच्चों के दैनिक जीवन और आसपास के वातावरण से जोड़कर समझाने का प्रयास किया जाएगा। इससे कठिन लगने वाले वैज्ञानिक सिद्धांतों को सरल तरीके से सीखने में मदद मिलेगी।
परियोजना के अंतर्गत STEM बाइक के माध्यम से विज्ञान संबंधी मॉडल और गतिविधियां जिले के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों के विद्यालयों तक पहुँचाई जाएंगी। इससे उन बच्चों को भी प्रयोग आधारित शिक्षा के अवसर मिल सकेंगे, जिन्हें संसाधनों की सीमित उपलब्धता के कारण विज्ञान के व्यावहारिक प्रयोगों से सीधे जुड़ने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता।
नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मिलेगा बढ़ावा
कार्यक्रम के दौरान ग्लिसरीन की सहायता से दीप प्रज्वलित कर परियोजना का शुभारंभ किया गया। विज्ञान के प्रयोग को उद्घाटन का माध्यम बनाना इस पहल की अवधारणा के अनुरूप रहा। इस अभिनव आयोजन ने उपस्थित अतिथियों का ध्यान आकर्षित किया।
‘माड़ विज्ञान दूत STEM बाइक’ परियोजना नारायणपुर जिले में शिक्षा को अधिक सुलभ, रोचक और गतिविधि आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मकता, तार्किक चिंतन और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना है। प्रयोगों के माध्यम से सीखने से बच्चों को विज्ञान के सिद्धांतों को समझने और उन्हें वास्तविक जीवन से जोड़ने में सहायता मिलेगी।
यह पहल दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा पद्धतियों और नवाचार से जोड़ने का अवसर प्रदान करेगी। परियोजना के माध्यम से विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने और बच्चों को अपनी जिज्ञासाओं के आधार पर सीखने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा। इससे नारायणपुर जिले के बच्चों को विज्ञान की दुनिया को नजदीक से समझने और अपनी प्रतिभा विकसित करने के नए अवसर मिल सकेंगे।





